हम हिन्दुस्तानी, और हमारी ऊँगली करने की आदत !

यार हम हिन्दुस्तानियों की बहुत सारी मस्त आदतों में एक बहुत ही ख़ास आदत है, बीच में ऊँगली करना, जिससे की आज कल मेरा पाला कुछ ज्यादा ही पड़ रहा है, और अब इससे मैं इस हद तक त्रस्त हो चुका हूँ की यह पोस्ट लिखना अब लाजमी हो चुका है.

आज मैं  अपने लिए कुछ अन्तःवस्त्र लेने गया, वहां मेरे चिरपरिचित सेल्समैन की बजाये एक सेल्सगर्ल को काम करते पाया. कुछ देर तो मैं यह सोंचता रहा की शायद मेरी इज्ज़त बचाने कोई निकल कर आएगा, पर ऐसा नहीं हुआ. वो सेल्सगर्ल मेरे पास आई और बोली, "क्या साइज़ है सर ?", मैं बगलें झाँकने लगा. भाई, मैं बहुत खुले विचारों का हूँ, फिर भी एक अनजान युवती को अपना साइज़ बताने में लज्जा तो आएगी ही. अभी मैं सोंच ही रहा था की चड्डी लूं या धीरे से कट लूं  की एक जनाब जो बगल में पजामे देख रहे थे, ने अपने हिन्दुस्तानी होने का सर्वोच्च परिचय देते हुए ऊँगली कर दी. "अरे साइज़ पूछ रही है जांघिये का, बताओ, जांघिया ही लेना है न ?" मैंने मन में कहा, "भूतनी के, जांघिया लूं या चड्डी, तुझे क्यों खुजली हो रही है!" और मैंने आँखें तरेर कर उन जनाब को देखा. मेरा मूड भांपकर वो फिर अपने पजामों में तल्लीन हो गए. पर वार तो उन्होंने कर ही दिया था और अब वह सेल्सगर्ल मेरी तरफ प्रश्नसूचक निगाहों से एकटक देखे जा रही थी, मैंने कहा, "नहीं, टी शर्ट लेनी है." गए थे 200 की चड्डी के लिए, 900 की टी शर्ट ले कर लौटे!

कुछ दिनों पहले मैं बंगलोर जा रहा था, साथ में सामान कुछ ज्यादा था. मैं चेक-इन काउंटर पर सामान देने चला. चेक-इन के समय मेरा सामान allowed weight से 5 किलोग्राम ज्यादा था, पर डेस्क स्टाफ ने कुछ नहीं कहा और मेरा बोअर्डिंग पास देने लगी की तभी ऍन मौके पर मेरे पीछे से एक मैडम ने कहा, "योर बैगेज इस 5 kgs ओवर द लिमिट" मैंने कहा, " आइ नो, बट थैंक यू फॉर सेइंग इट अलाउड!" फिर डेस्क स्टाफ ने भी मेरे पिछवाड़े वाली मैडम की बात दुहरा दी और ३०० रूपये मांग लिए!

अभी परसों मैं दिल्ली में था, और जब भी मैं दिल्ली में होता हूँ तो मेट्रो से पाला पड़ता ही है. पर इस बार मैंने एक अलग चीज़ देखी, अब लोगों ने मेट्रो के भी ऊँगली करना शुरू कर दिया है! हर स्टेशन पर कुछ उतरने वाले पहले से ही गेट के पास खड़े रहते हैं, और उन में से एक की ऊँगली  गेट के पास वाली ceiling में मौजूद एक छेद में होती है! हर गेट के पास यही नज़ारा होता है, लोग और ऊँगली और छेद! 

हाय हिन्दुस्तानियों, हाय ऊँगली, हाय छेद.
 

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